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Showing posts from July, 2015
Legend to Legend Interaction Watching this video will surely leave you with wet eyes. The 96 years old marshal Arjan Singh paying his salute to Dr kalam. He stands up from his wheel chair to pay his last tribute to the missile man. The living legend paying his tribute to an another legend. Arjan Singh is the only Marshal of the Indian Air Force .  He  is the only officer of the Indian Air Force to be promoted to five-star rank, equal to a Field Marshal, to which he was promoted in 2002

क्रांति - जरुरत आज की !!

क्रांति - जरुरत आज की !! क्रांति अब एक ख्वाब सीने में जग जाने दो, देर से ही सही, पर कुछ बदलेगा जरूर, कोशिशे इतनी करो कि पानी में भी आग लग जाने दो !! क्या मिलेगा हमें जो हम बैठे रहेंगे तन्हाइयों में, क्रांति का शोला इस दिल में अब भड़क जाने दो ! अब एक ख्वाब सीने में …… धीमे-धीमे ही सही , सांसें चलेंगी कैफ़ियत की जरूर, इस देश से रावण का राज अब बिलम् जाने दो ! अब एक ख्वाब सीने में …… भरा बैठा हूँ देखो में तो, अब जरा तुम भी भर जाओ ! खात्मा होगा दुश्मन का एक दिन जरूर , भरी महफ़िल में एक बगावत की आवाज़ अब उठ जाने दो !! अब एक ख्वाब सीने में …… बेहद मुसीबतें आएंगी रस्ते में , ये हकीकत है ! चोट भी लगेगी, गद्दारियां भी होंगी, मेरी सांसो को बंद करने की तैयारियां भी होंगी, पर इतना कुछ होने के बाद भी, मुझे अब सड़क पर उत्तर जाने दो !! अब एक ख्वाब सीने में …… मेरे दुश्मनो ! सब्र रक्खो ज़रा  , मैं  भी मर जाऊँगा  एक दिन, पर पहले तेरे रावण को  मार कर इस दुनिया में दफ़न कर जाने दो !! अब एक ख्वाब सीने में जग जाने दो, देर से ही सही, पर कुछ बद...
सायद आप समझ पाएं - जब हम एक प्रदेश से दूसरे प्रदेश में जाते हैं तो हम उसे अपना नहीं पाते और कोशिश रहती है कि अपने प्रदेश में जल्दी से जल्दी पहुँच जाये ! तो फिर कैसे एक विदेशी हमारे ऊपर दस साल राज कर लेती है और हम समझते हैं कि उसने हमारे देश को पूणतः अपना लिया होगा ! बड़ी गलत फैमियों में जी रहे हैं हम जनाब ! एक विदेशी हम पर दस साल राज कर लेती है और हम करने देते हैं ! माना की उसने कोई पद नहीं लिया पर सर्वे सर्वा तो वही थी और आज भी वही है ! इसमें हमारी काबिलियत नहीं बल्कि उसक ा टैलेंट नज़र आता है ! सायद इसीलिए अमेरिका ने सख्त कानून बनाया है कि अमेरिका का राष्ट्रपति वही बन सकता है जिसने अमेरिका में जन्म लिया हो ! हो सकता है अमेरिका मुर्ख है ! कभी कभी हमें अपनी बुद्धिमानी और काबिलियत पे संका सी होती है !  गुलाम हम तब भी थे और आज भी हैं ! फर्क बस इतना है की आज हम संकीर्ण मानसिकता, जातिवाद और कई ऐसे माईनो में खुद अपने ही गुलाम हैं ! सोचने वाली बात है जनाब !! ~सुमित कुमार द्विवेदी