ये इनटॉलेरेंस-इनटॉलेरेंस चिल्लाने वाले और अपने आपको सूडो-सेक्युलर दिखने वाले लोग वही है जो ६० साल से आँखों पे पट्टी बांधे थे और जब भाजपा आई तो इन्हे सब दिखने लगा ! यकीं मानिये यदि आज आपके पिने के पानी में कुछ गिर जाये और वो भगवा रंग का हो जाये तो ये लोग उसे भी भाजपा की चाल बताएँगे ! आज एक बिचारा अख़लाक़ मारा गया तो भाजपा ने करवाया ये पर आज से पहले कितने अख़लाक़ और अखिल मारे गए तो उसका हिसाब नहीं नाही उसका जिक्र है क्यूंकि हकीकत में इन्हे अख़लाक़ से सहानुभूति नहीं बल्कि भाजपा से दिक्कत है और भाजपा को कोशने का इससे अच्छा मौका क्या होगा ! कुछ ज्यादा ही पड़े लिखे लोग एक कदम आगे निकल के अपनी काबिलियत दिखाते हैं, फेसबुक पे कटाक्ष लिखते हैं " मैंने आज मंगलवार को बाल कटाये हैं क्या मुझे हिन्दू धर्म से निकाल दिया जायेगा? " अरे भाई हम भी मंगल और शनिवार को बाल काटते हैं , हमें तो दिक्कत नहीं होती इस देश में , और इतना ही इनटॉलेरेंस होता तो कोई आपको इसी बात पे एक झापड़ जड़ चूका होता ! ये सेकुलरिज्म की नयी परिभाषा कांग्रेस और कुछ ज्यादा ही बुद्धिमानी लोगों ने ही बनायीं है ! ...