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Showing posts from 2015

अब तक अंधे थे ये जनाब !!

ये इनटॉलेरेंस-इनटॉलेरेंस चिल्लाने वाले और अपने आपको सूडो-सेक्युलर  दिखने वाले  लोग वही है जो ६० साल से आँखों पे पट्टी बांधे थे और जब भाजपा आई तो इन्हे सब दिखने लगा ! यकीं मानिये यदि आज आपके पिने के पानी में कुछ गिर  जाये और वो भगवा रंग का हो जाये तो ये लोग उसे भी भाजपा की चाल बताएँगे ! आज एक बिचारा अख़लाक़ मारा गया तो भाजपा ने करवाया ये पर आज से पहले  कितने अख़लाक़ और अखिल मारे गए तो उसका हिसाब नहीं नाही उसका जिक्र है क्यूंकि हकीकत में इन्हे अख़लाक़ से सहानुभूति नहीं बल्कि भाजपा से दिक्कत है और भाजपा को  कोशने का इससे अच्छा मौका क्या होगा ! कुछ ज्यादा ही पड़े लिखे लोग एक कदम आगे निकल के अपनी काबिलियत दिखाते हैं, फेसबुक पे कटाक्ष लिखते हैं " मैंने आज मंगलवार को बाल कटाये हैं क्या मुझे हिन्दू धर्म से निकाल दिया जायेगा? " अरे भाई हम भी मंगल और शनिवार को बाल काटते हैं , हमें तो दिक्कत नहीं होती इस देश में , और इतना ही इनटॉलेरेंस होता तो कोई आपको इसी बात पे एक झापड़ जड़ चूका होता ! ये सेकुलरिज्म की नयी परिभाषा कांग्रेस और कुछ ज्यादा ही बुद्धिमानी लोगों ने ही बनायीं है ! ...

How Russia prevented a joint US-UK attack on India in 1971.

How Russia prevented a joint US-UK attack on India in 1971 .  Exactly 40 years ago, India won a famous victory over Pakistan due to its brilliant soldiers, an unwavering political leadership, and strong diplomatic support from Moscow. Less well known is Russia’s power play that prevented a joint British-American attack on India.  In 1971, India won a famous victory over Pakistan due to its brilliant soldiers, an unwavering political leadership, and strong diplomatic support from Moscow. Less well known is Russia’s power play that prevented a joint British-American attack on India. Washington DC, December 3, 1971, 10:45am :: US President Richard Nixon is on the phone with Secretary of State Henry Kissinger, hours after Pakistan launched simultaneous attacks on six Indian airfields, a reckless act that prompted India to declare war. Nixon: So West Pakistan giving trouble there. Kissinger: If they lose half of their country without fighting they will be destroyed. They...
Legend to Legend Interaction Watching this video will surely leave you with wet eyes. The 96 years old marshal Arjan Singh paying his salute to Dr kalam. He stands up from his wheel chair to pay his last tribute to the missile man. The living legend paying his tribute to an another legend. Arjan Singh is the only Marshal of the Indian Air Force .  He  is the only officer of the Indian Air Force to be promoted to five-star rank, equal to a Field Marshal, to which he was promoted in 2002

क्रांति - जरुरत आज की !!

क्रांति - जरुरत आज की !! क्रांति अब एक ख्वाब सीने में जग जाने दो, देर से ही सही, पर कुछ बदलेगा जरूर, कोशिशे इतनी करो कि पानी में भी आग लग जाने दो !! क्या मिलेगा हमें जो हम बैठे रहेंगे तन्हाइयों में, क्रांति का शोला इस दिल में अब भड़क जाने दो ! अब एक ख्वाब सीने में …… धीमे-धीमे ही सही , सांसें चलेंगी कैफ़ियत की जरूर, इस देश से रावण का राज अब बिलम् जाने दो ! अब एक ख्वाब सीने में …… भरा बैठा हूँ देखो में तो, अब जरा तुम भी भर जाओ ! खात्मा होगा दुश्मन का एक दिन जरूर , भरी महफ़िल में एक बगावत की आवाज़ अब उठ जाने दो !! अब एक ख्वाब सीने में …… बेहद मुसीबतें आएंगी रस्ते में , ये हकीकत है ! चोट भी लगेगी, गद्दारियां भी होंगी, मेरी सांसो को बंद करने की तैयारियां भी होंगी, पर इतना कुछ होने के बाद भी, मुझे अब सड़क पर उत्तर जाने दो !! अब एक ख्वाब सीने में …… मेरे दुश्मनो ! सब्र रक्खो ज़रा  , मैं  भी मर जाऊँगा  एक दिन, पर पहले तेरे रावण को  मार कर इस दुनिया में दफ़न कर जाने दो !! अब एक ख्वाब सीने में जग जाने दो, देर से ही सही, पर कुछ बद...
सायद आप समझ पाएं - जब हम एक प्रदेश से दूसरे प्रदेश में जाते हैं तो हम उसे अपना नहीं पाते और कोशिश रहती है कि अपने प्रदेश में जल्दी से जल्दी पहुँच जाये ! तो फिर कैसे एक विदेशी हमारे ऊपर दस साल राज कर लेती है और हम समझते हैं कि उसने हमारे देश को पूणतः अपना लिया होगा ! बड़ी गलत फैमियों में जी रहे हैं हम जनाब ! एक विदेशी हम पर दस साल राज कर लेती है और हम करने देते हैं ! माना की उसने कोई पद नहीं लिया पर सर्वे सर्वा तो वही थी और आज भी वही है ! इसमें हमारी काबिलियत नहीं बल्कि उसक ा टैलेंट नज़र आता है ! सायद इसीलिए अमेरिका ने सख्त कानून बनाया है कि अमेरिका का राष्ट्रपति वही बन सकता है जिसने अमेरिका में जन्म लिया हो ! हो सकता है अमेरिका मुर्ख है ! कभी कभी हमें अपनी बुद्धिमानी और काबिलियत पे संका सी होती है !  गुलाम हम तब भी थे और आज भी हैं ! फर्क बस इतना है की आज हम संकीर्ण मानसिकता, जातिवाद और कई ऐसे माईनो में खुद अपने ही गुलाम हैं ! सोचने वाली बात है जनाब !! ~सुमित कुमार द्विवेदी